जन-सागर इस घोषणा के झंझावात से तरंगित हो उठा। जन-समूह की ग्रीवाएँ उठ गयीं और दृष्टि मार्ग के पश्चिम छोर की ओर चली गयी। दीपदण्ड-धारी अश्वारोहियों के पीछे रथ चले आ रहे थे और रथों के पीछे फिर दीपदण्ड-धारी अश्वारोही। रथ शीघ्र ही मण्डप के समीप जन-प्रवाह में आ पहुँचे।
(UPSC 2012, 12 Marks, )