“बुद्धिवाद के विकास में, अधिक सुख की खोज में, दुख मिलना स्वाभाविक है।'” ‘कामायनी’ के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।
(UPSC 2014, 15 Marks, )
“बुद्धिवाद के विकास में, अधिक सुख की खोज में, दुख मिलना स्वाभाविक है।'” ‘कामायनी’ के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।
“बुद्धिवाद के विकास में, अधिक सुख की खोज में, दुख मिलना स्वाभाविक है।'” ‘कामायनी’ के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।
(UPSC 2014, 15 Marks, )