चढ़ा असाढ़ गँगन घन गाजा। साजा बिरह दुंद दल बाजा। धूम स्याम धौरे घन धाए। सेत धुजा बगु पाँति देखाए। खरग बीज चमकै चहुँ ओरा। बुंद बान बरिसै घन घोरा। अद्रा लाग बीज भुइँ लेई। मोहि पिय बिनु को आदर देई। (UPSC 2002, 20 Marks, )

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