“दुख ही जीवन की कथा रही। क्या कहूं आज तो नहीं कही।” इस उक्ति के संदर्भ में 'सरोज-स्मृति' का वैशिष्ट्य निरूपित कीजिए।। (UPSC 1981, 55 Marks, )

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