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"'दिव्या' उपन्यास का मूल प्रतिपाद्य मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतिपादन करना है।" इस मत के पक्ष-विपक्ष में तर्कयुक्त उत्तर देते हुए 'दिव्या' का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2023, 15 Marks, )
"'दिव्या' उपन्यास का मूल प्रतिपाद्य मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतिपादन करना है।" इस मत के पक्ष-विपक्ष में तर्कयुक्त उत्तर देते हुए 'दिव्या' का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।View Answer
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"'दिव्या' इतिहास नहीं, ऐतिहासिक कल्पना मात्र है।" इस कथन के आधार पर 'दिव्या' उपन्यास में इतिहास और कल्पना के समन्वय का विवेचन कीजिए। (UPSC 2022, 15 Marks, )
"'दिव्या' इतिहास नहीं, ऐतिहासिक कल्पना मात्र है।" इस कथन के आधार पर 'दिव्या' उपन्यास में इतिहास और कल्पना के समन्वय का विवेचन कीजिए।View Answer
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"'दिव्या' उपन्यास का मूल प्रतिपाद्य मार्क्सवादी विचारधारा का प्रतिपादन करना है।" इस मत के पक्ष-विपक्ष में तर्कयुक्त उत्तर देते हुए 'दिव्या' का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2023, 15 Marks, )
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"'दिव्या' इतिहास नहीं, ऐतिहासिक कल्पना मात्र है।" इस कथन के आधार पर 'दिव्या' उपन्यास में इतिहास और कल्पना के समन्वय का विवेचन कीजिए। (UPSC 2022, 15 Marks, )
"'दिव्या' इतिहास नहीं, ऐतिहासिक कल्पना मात्र है।" इस कथन के आधार पर 'दिव्या' उपन्यास में इतिहास और कल्पना के समन्वय का विवेचन कीजिए।View Answer
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