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काले साँप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल जहर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता। (UPSC 2025, 10 Marks, )
काले साँप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल जहर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता।View Answer
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द्विवेदीयुगीन निबंधों में भाषा-संस्कार, रुचि-परिमार्जन, वैचारिक परिपक्वता और विषय-विविधता के कारण आए परिवर्तनों को उदाहरणों सहित रेखांकित कीजिए। (UPSC 2014, 20 Marks, )
द्विवेदीयुगीन निबंधों में भाषा-संस्कार, रुचि-परिमार्जन, वैचारिक परिपक्वता और विषय-विविधता के कारण आए परिवर्तनों को उदाहरणों सहित रेखांकित कीजिए।View Answer
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जिस तरह से अपने ललित निबंधों में कुबेरनाथ राय भारत ही नहीं, विश्व-भर के नये-पुराने रूपों को हृदय और बुद्धि की कसौटी पर जाँचते हैं, निबंध-क्षेत्र के लिए यह नया बौद्धिक रस संजीवनी बना है—इसका विवेचन कीजिए। (UPSC 2013, 25 Marks, )
जिस तरह से अपने ललित निबंधों में कुबेरनाथ राय भारत ही नहीं, विश्व-भर के नये-पुराने रूपों को हृदय और बुद्धि की कसौटी पर जाँचते हैं, निबंध-क्षेत्र के लिए यह नया बौद्धिक रस संजीवनी बना है—इसका विवेचन कीजिए।View Answer
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