कबीर
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“भक्ति-आंदोलन का जन-साधारण पर जितना व्यापक प्रभाव हुआ, उतना किसी अन्य आंदोलन का नहीं” — इस कथन की सार्थकता पर विचार करते हुए कबीर की भूमिका पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2016, 20 Marks, )
“भक्ति-आंदोलन का जन-साधारण पर जितना व्यापक प्रभाव हुआ, उतना किसी अन्य आंदोलन का नहीं” — इस कथन की सार्थकता पर विचार करते हुए कबीर की भूमिका पर प्रकाश डालिए।Answer
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क्या कबीर ने अनीश्वरत्व के निकट पहुँच चुके भारतीय जनमानस को निर्गुण ब्रह्म की भक्ति की ओर प्रवृत्त होने की उत्तेजना प्रदान की? तर्क सम्मत उत्तर दीजिए। (UPSC 2014, 20 Marks, )
क्या कबीर ने अनीश्वरत्व के निकट पहुँच चुके भारतीय जनमानस को निर्गुण ब्रह्म की भक्ति की ओर प्रवृत्त होने की उत्तेजना प्रदान की? तर्क सम्मत उत्तर दीजिए।Answer
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“सामंती समाज की जड़ता को तोड़ने का जैसा प्रयास कबीर ने किया वैसा प्रयास कोई दूसरा नहीं कर सका” — इस कथन के आधार पर कबीर के कृतित्व का सोदाहरण मूल्यांकन कीजिए। (UPSC 2007, 60 Marks, )
“सामंती समाज की जड़ता को तोड़ने का जैसा प्रयास कबीर ने किया वैसा प्रयास कोई दूसरा नहीं कर सका” — इस कथन के आधार पर कबीर के कृतित्व का सोदाहरण मूल्यांकन कीजिए।Enroll Now
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“कबीरदास का मूलरूप उनका भक्त रूप है, कविरूप घलुआ मात्र है।” -डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी के इस कथन के संबंध में सोपपत्ति अपना मन्तव्य पुष्ट कीजिए। (UPSC 1997, 55 Marks, )
“कबीरदास का मूलरूप उनका भक्त रूप है, कविरूप घलुआ मात्र है।” -डॉ० हजारीप्रसाद द्विवेदी के इस कथन के संबंध में सोपपत्ति अपना मन्तव्य पुष्ट कीजिए।Enroll Now
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आचार्य शुक्ल को तुलसी की भक्ति-पद्धति में रहस्यवादिता के राहित्य और कबीर की भक्ति में रहस्यवादिता के साहित्य की स्थिति क्यों माननी पड़ी? उनकी उपपत्तियों को प्रस्तुत कीजिए। (UPSC 1996, 55 Marks, )
आचार्य शुक्ल को तुलसी की भक्ति-पद्धति में रहस्यवादिता के राहित्य और कबीर की भक्ति में रहस्यवादिता के साहित्य की स्थिति क्यों माननी पड़ी? उनकी उपपत्तियों को प्रस्तुत कीजिए।Enroll Now
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'युगावतार की शक्ति और विश्वास लेकर वे पैदा हुए थे और युगप्रवर्तक की दृढ़ता उनमें विद्यमान थी, इसलिये वे युगप्रवर्तक न कर सके। कबीर के साहित्य के सन्दर्भ में इस कथन की युक्तियुक्त मीमांसा कीजिए। (UPSC 1990, 55 Marks, )
'युगावतार की शक्ति और विश्वास लेकर वे पैदा हुए थे और युगप्रवर्तक की दृढ़ता उनमें विद्यमान थी, इसलिये वे युगप्रवर्तक न कर सके। कबीर के साहित्य के सन्दर्भ में इस कथन की युक्तियुक्त मीमांसा कीजिए।Enroll Now
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“कबीर के काव्य में जितनी प्रखरता और तीखापन है, उतनी ही भाव-प्रवणता एवं सहजता भी है।” इस कथन की युक्तियुक्त एवं उदाहरण सहित विवेचना कीजिए। (UPSC 1989, 55 Marks, )
“कबीर के काव्य में जितनी प्रखरता और तीखापन है, उतनी ही भाव-प्रवणता एवं सहजता भी है।” इस कथन की युक्तियुक्त एवं उदाहरण सहित विवेचना कीजिए।Enroll Now
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कबीर ने एक ऐसे भक्ति का प्रतिपादन किया जिसमें परमात्मा की एकता के आधार पर मनुष्यों की एकता की प्रतिष्ठा की गयी थी – इस कथन पर विचार कीजिए। (UPSC 1988, 55 Marks, )
कबीर ने एक ऐसे भक्ति का प्रतिपादन किया जिसमें परमात्मा की एकता के आधार पर मनुष्यों की एकता की प्रतिष्ठा की गयी थी – इस कथन पर विचार कीजिए।Enroll Now
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'कबीर की आंधी से अधिक रचना दार्शनिक पद्य मात्र है जिसको कविता नहीं कहना चाहिए।’ निर्धारित भ्रंश से उदाहरण देकर इस कथन की युक्तियुक्त परीक्षा कीजिए। (UPSC 1986, 55 Marks, )
'कबीर की आंधी से अधिक रचना दार्शनिक पद्य मात्र है जिसको कविता नहीं कहना चाहिए।’ निर्धारित भ्रंश से उदाहरण देकर इस कथन की युक्तियुक्त परीक्षा कीजिए।Enroll Now
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“रसिको की सम्मति में कबीर का रहस्यवाद रूखा है, उनका पाथुर्य भाव भी उन्हें फीका लगता है। उनके चित्रों में उन्हें अनेकरूपता नहीं दिखाई देती”। इस कथन की युक्तियुक्त परीक्षा कीजिए। (UPSC 1984, 55 Marks, )
“रसिको की सम्मति में कबीर का रहस्यवाद रूखा है, उनका पाथुर्य भाव भी उन्हें फीका लगता है। उनके चित्रों में उन्हें अनेकरूपता नहीं दिखाई देती”। इस कथन की युक्तियुक्त परीक्षा कीजिए।Enroll Now
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तत्कालीन परिस्थितियों का वर्णन करते हुए कबीर के काव्य के उन तत्वों का विवेचन कीजिए जिनके कारण उन्हें एक क्रान्तिकारी लोक कवि कहा जाता है। (UPSC 1980, 55 Marks, )
तत्कालीन परिस्थितियों का वर्णन करते हुए कबीर के काव्य के उन तत्वों का विवेचन कीजिए जिनके कारण उन्हें एक क्रान्तिकारी लोक कवि कहा जाता है।Enroll Now