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“भारत-दुर्दशा' प्राय: कथाविहीन, घटनाविहीन नाट्य-रचना है। 'फिर भी इसके मंचन की संभावनाएँ, कम नहीं हैं।' अभिनेयता की दृष्टि से विवेचन कीजिए। (UPSC 2017, 20 Marks, )
“भारत-दुर्दशा' प्राय: कथाविहीन, घटनाविहीन नाट्य-रचना है। 'फिर भी इसके मंचन की संभावनाएँ, कम नहीं हैं।' अभिनेयता की दृष्टि से विवेचन कीजिए।View Answer
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"भरतेन्दु हरिश्चन्द्र ने 'अंधेर नगरी’ में लोक-नाट्य को गहराई चेतना को बिना विस्मृत किए नवीन नांट्यशास्त्रीय गुणवत्ता का समावेश किया है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। (UPSC 1999, 55 Marks, )
"भरतेन्दु हरिश्चन्द्र ने 'अंधेर नगरी’ में लोक-नाट्य को गहराई चेतना को बिना विस्मृत किए नवीन नांट्यशास्त्रीय गुणवत्ता का समावेश किया है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।Enroll Now
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“ 'अंधेर नगरी’ समसामयिक संदर्भो का जीवन्त नाटक है, क्योंकि इसमें तत्कालीन भारत की अनेक कुरीतियों को बड़ी मार्मिकता के साथ कुरेदा गया है।” - इस कथन को पुष्टि कीजिए। (UPSC 1998, 55 Marks, )
“ 'अंधेर नगरी’ समसामयिक संदर्भो का जीवन्त नाटक है, क्योंकि इसमें तत्कालीन भारत की अनेक कुरीतियों को बड़ी मार्मिकता के साथ कुरेदा गया है।” - इस कथन को पुष्टि कीजिए।Enroll Now
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“अंधेरी नगरी में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने व्यंग्य को प्रमुख स्थान दिया है। इस व्यंग्य के द्वारा उन्होंने वर्तमान की वास्तविकता पर प्रहार किया है।” इस कथन की सारगर्भित व्याख्या कीजिए। (UPSC 1997, 55 Marks, )
“अंधेरी नगरी में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने व्यंग्य को प्रमुख स्थान दिया है। इस व्यंग्य के द्वारा उन्होंने वर्तमान की वास्तविकता पर प्रहार किया है।” इस कथन की सारगर्भित व्याख्या कीजिए।Enroll Now
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“'अंधेर नगरी' में भारतेंदु ने लोक-नाटकों का लचीलापन, उन्मुक्तता, संगीत और वातावरण अवश्य रखा है पर उसकी रूढ़ियों का प्रयोग ज्यों का त्यों नहीं किया है।” - पर अपना मंतव्य व्यक्त कीजिए। (UPSC 1996, 55 Marks, )
“'अंधेर नगरी' में भारतेंदु ने लोक-नाटकों का लचीलापन, उन्मुक्तता, संगीत और वातावरण अवश्य रखा है पर उसकी रूढ़ियों का प्रयोग ज्यों का त्यों नहीं किया है।” - पर अपना मंतव्य व्यक्त कीजिए।Enroll Now
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अन्धेर नगरी में भारतेन्दु ने अपने समय की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक पुनर्जागरण के अवरोधक तत्वों को आकार दिया है — सोदाहरण स्पष्ट कीजिए। (UPSC 1988, 55 Marks, )
अन्धेर नगरी में भारतेन्दु ने अपने समय की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना और राजनीतिक पुनर्जागरण के अवरोधक तत्वों को आकार दिया है — सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।Enroll Now
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“भारतेन्दु हरिश्चन्द्र नाटक का अभिनय से अनिवार्य सम्बन्ध मानते थे।” इस कथन को ध्यान में रखते हुए अभिनय और रंगमंच की दृष्टि से ‘अंधेर नगरी' की विशेषताएँ बतलाइए। (UPSC 1986, 55 Marks, )
“भारतेन्दु हरिश्चन्द्र नाटक का अभिनय से अनिवार्य सम्बन्ध मानते थे।” इस कथन को ध्यान में रखते हुए अभिनय और रंगमंच की दृष्टि से ‘अंधेर नगरी' की विशेषताएँ बतलाइए।Enroll Now
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