Q 1(c). (i) हलन्त्यम् । (ii) एचोऽयवायावः । (iii) कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे । (iv) उपमितं व्याघ्रादिभिः सामान्याप्रयोगे । (v) पञ्चमी भयेन । उपरिलिखितानां सूत्राणाम् अर्थोदाहरणानि 3-4 पंक्तिभिः लिखत। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)


Explanation

 ● हलन्त्यम्  
    ● सूत्रार्थः: "हलन्त्यम्" सूत्र के अनुसार, किसी शब्द के अंत में आने वाला हल् (व्यंजन) अन्त्य (अंतिम) होता है।  
    ● उदाहरण: "रामः" में "म" हल् है और "ः" अन्त्य है।  
  ● एचोऽयवायावः  
    ● सूत्रार्थः: इस सूत्र के अनुसार, , के स्थान पर अय्, आव् का प्रयोग होता है।  
    ● उदाहरण: "देवः" का रूप "दयवः" हो जाता है।  
  ● कालाध्वनोरत्यन्तसंयोगे  
    ● सूत्रार्थः: जब काल (समय) और अध्व (मार्ग) का अत्यन्त संयोग होता है, तब विशेष नियम लागू होते हैं।  
    ● उदाहरण: "सप्ताहः" (समय) और "पथः" (मार्ग) का संयोग।  
  ● उपमितं व्याघ्रादिभिः सामान्याप्रयोगे  
    ● सूत्रार्थः: जब किसी वस्तु की तुलना व्याघ्र (बाघ) आदि से की जाती है, तो सामान्य प्रयोग में विशेष नियम लागू होते हैं।  
    ● उदाहरण: "सिंहवत्" (सिंह के समान) का प्रयोग।  
  ● पञ्चमी भयेन  
    ● सूत्रार्थः: जब भय (डर) का उल्लेख होता है, तो पञ्चमी विभक्ति का प्रयोग होता है।  
    ● उदाहरण: "सिंहात् भयम्" (सिंह से डर)।