1. क्षुद्रग्रह क्या हैं? 2. जीवन के विलुप्त होने का खतरा उनसे कितना वास्तविक है? 3. ऐसी आपदा को रोकने के लिए कौन सी रणनीतियाँ विकसित की गई हैं? (UPSC 2024,15 Marks,)

What are asteroids? How real is the threat of them causing extinction of life? What strategies have been developed to prevent such a catastrophe?

Explanation

Asteroids

क्षुद्रग्रह (Asteroids) चट्टानी पिंड हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं, मुख्य रूप से मंगल और बृहस्पति के बीच क्षुद्रग्रह पट्टी (asteroid belt) में पाए जाते हैं। ये आकार और संरचना में भिन्न होते हैं और पृथ्वी पर उनके संभावित प्रभाव के कारण वैज्ञानिक अध्ययन का विषय रहे हैं।

  • विशेषताएँ (Characteristics):
    • आकार छोटे कंकड़ से लेकर सैकड़ों किलोमीटर व्यास तक होते हैं।
    • मुख्य रूप से धातुओं और चट्टानी सामग्री से बने होते हैं।
    • कुछ के अपने चंद्रमा (moons) होते हैं।

How real is the threat of them causing extinction of life?

  • ऐतिहासिक साक्ष्य (Historical Evidence):
    • सबसे उल्लेखनीय उदाहरण 66 मिलियन वर्ष पहले का क्षुद्रग्रह (asteroid) प्रभाव है, जिसने डायनासोर और पृथ्वी की 75% प्रजातियों का विलुप्तिकरण किया।
    • ऐसे घटनाएँ दुर्लभ होती हैं लेकिन जब ये होती हैं तो इनके विनाशकारी परिणाम होते हैं।
  • वाल्टर अल्वारेज़ और लुइस अल्वारेज़ (1980s):
    • अल्वारेज़ परिकल्पना (Alvarez Hypothesis) का प्रस्ताव किया, जो डायनासोर के विलुप्तिकरण को एक क्षुद्रग्रह प्रभाव से जोड़ता है।
    • उन्होंने क्रेटेशियस-पैलियोजीन सीमा पर एक वैश्विक स्तर पर इरिडियम-समृद्ध मिट्टी (जो बाह्य अंतरिक्षीय उत्पत्ति का संकेत है) की खोज की, जो 66 मिलियन वर्ष पहले एक विशाल क्षुद्रग्रह प्रभाव की ओर इशारा करता है।
  • वर्तमान खतरे का स्तर (Current Threat Level):
    • नासा (NASA) उन निकट-पृथ्वी वस्तुओं (Near-Earth Objects, NEOs) की निगरानी करता है जो संभावित खतरे पैदा कर सकते हैं।
    • पृथ्वी से टकराने वाले बड़े क्षुद्रग्रह की संभावना कम है लेकिन नगण्य नहीं है। छोटे क्षुद्रग्रह स्थानीयकृत क्षति कर सकते हैं, जबकि बड़े वैश्विक प्रभाव डाल सकते हैं।
    • डेविड मॉरिसन (David Morrison), एक नासा वैज्ञानिक जिन्होंने निकट-पृथ्वी वस्तुओं (NEOs) के खतरे का व्यापक अध्ययन किया है। उन्होंने सार्वजनिक जागरूकता और संभावित प्रभावकों की निगरानी और विक्षेपण के महत्व की वकालत की।
  • संभावित परिणाम (Potential Consequences):
    • विशाल सुनामी, जंगल की आग, और धूल के कारण सूर्य के प्रकाश को अवरुद्ध करने से "प्रभाव सर्दी"।
    • पारिस्थितिक तंत्रों का पतन और मानव सभ्यता की संभावित हानि।
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What strategies have been developed to prevent such a catastrophe?

  • Detection and Monitoring:
    • NASA's Planetary Defense Coordination Office (PDCO) पृथ्वी के पास क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं की निगरानी करता है।
    • Pan-STARRS जैसे टेलीस्कोप और NEOWISE जैसे अंतरिक्ष मिशन NEOs (Near-Earth Objects) को ट्रैक करते हैं।
  • Deflection Techniques:
    • Kinetic Impactor: अंतरिक्ष यान क्षुद्रग्रह से टकराकर उसकी दिशा बदलते हैं (उदाहरण के लिए, NASA का DART मिशन 2022 में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया)।
    • Gravity Tractor: एक अंतरिक्ष यान समय के साथ गुरुत्वाकर्षण खिंचाव डालकर क्षुद्रग्रह के मार्ग को बदलता है।
    • Nuclear Explosions: क्षुद्रग्रहों को विक्षेपित या खंडित करने के लिए संभावित उपयोग, हालांकि इससे कई प्रभावों का जोखिम होता है।
  • Global Coordination:
    • संयुक्त राष्ट्र के Space Mission Planning Advisory Group (SMPAG) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन समन्वित प्रतिक्रिया योजनाएँ विकसित करते हैं।
    • NASA, ESA और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच डेटा और संसाधनों को साझा करने के लिए सहयोग।
  • Public Awareness and Preparedness:
    • क्षुद्रग्रह खतरों के बारे में जनता को शिक्षित करना और ग्रह रक्षा प्रणालियों के लिए अनुसंधान निधि को प्रोत्साहित करना।
    • United Nations Office for Outer Space Affairs (UNOOSA): Space Mission Planning Advisory Group (SMPAG) जैसे ढांचे स्थापित किए ताकि वैश्विक स्तर पर ग्रह रक्षा रणनीतियों का समन्वय किया जा सके।

निष्कर्ष

हालांकि एक क्षुद्रग्रह (asteroid) के कारण सामूहिक विलुप्ति (mass extinction) का खतरा वास्तविक है, यह बड़े प्रभावों की दुर्लभता के कारण अपेक्षाकृत कम है। संभावित खतरों को कम करने और पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी और अनुसंधान आवश्यक हैं।