राज्यों और क्षेत्रों का राजनीतिक और प्रशासनिक पुनर्गठन उन्नीसवीं सदी के मध्य से एक सतत चलने वाली प्रक्रिया रही है उदाहरण सहित चर्चा करें (UPSC 2022,15 Marks,)

The political and administrative reorganization of states and territories has been a continuous ongoing process since the mid-nineteenth century. Discuss with examples.

प्रस्तावना

राज्यों और क्षेत्रों का राजनीतिक और प्रशासनिक पुनर्गठन (reorganization) एक गतिशील प्रक्रिया रही है जो उन्नीसवीं सदी के मध्य से विकसित हुई है। यह चल रही प्रक्रिया विभिन्न कारकों द्वारा प्रेरित रही है जैसे जनसांख्यिकी (demographics) में परिवर्तन, आर्थिक विकास (economic development), और राजनीतिक आकांक्षाएँ (political aspirations)।

Explanation

Political and Administrative Reorganization: A Continuous Ongoing Process Since Mid-Nineteenth Century

1. उपनिवेशवाद का अंत (Decolonization):

  •  कई पूर्व उपनिवेशों ने उन्नीसवीं सदी के मध्य और उसके बाद स्वतंत्रता प्राप्त की।
  •  इससे नए राज्यों और क्षेत्रों का निर्माण हुआ क्योंकि औपनिवेशिक शक्तियाँ पीछे हट गईं।
  •  उदाहरण के लिए, भारत की स्वतंत्रता और उसके बाद भारत और पाकिस्तान में विभाजन।

2. नए राज्यों का गठन:

  •  मौजूदा देशों के भीतर नए राज्यों का निर्माण एक सामान्य घटना रही है।
  •  यह जातीय, भाषाई, या क्षेत्रीय आकांक्षाओं के कारण हो सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, 2014 में भारत में तेलंगाना का एक अलग राज्य के रूप में गठन और 2011 में सूडान का सूडान और दक्षिण सूडान में विभाजन।

3. विलय और समेकन (Merger and consolidation):

  •  कुछ राज्यों और क्षेत्रों ने बड़े इकाइयों के रूप में विलय या समेकन किया है।
  •  यह आर्थिक या राजनीतिक विचारों से प्रेरित हो सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, 1871 में जर्मनी में कई राज्यों का विलय कर एकीकृत जर्मन राज्य का निर्माण और 19वीं और 20वीं सदी के अंत में कनाडा में विभिन्न प्रांतों का समेकन।

4. शक्ति का विकेंद्रीकरण (Devolution of power):

  •  विकेंद्रीकरण का अर्थ है केंद्रीय सरकार से क्षेत्रीय या स्थानीय प्राधिकरणों को शक्ति का हस्तांतरण।
  •  यह क्षेत्रीय असमानताओं को संबोधित करने या अधिक स्वायत्तता की मांगों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, यूनाइटेड किंगडम के भीतर स्कॉटलैंड, वेल्स, और उत्तरी आयरलैंड को शक्ति का विकेंद्रीकरण।

5. सीमाओं का पुनर्निर्धारण (Redrawing of boundaries):

  •  राज्यों और क्षेत्रों के बीच की सीमाएँ अक्सर बदलती जनसांख्यिकी या राजनीतिक विचारों को प्रतिबिंबित करने के लिए पुनर्निर्धारित की जाती हैं।
  •  इससे नए प्रशासनिक इकाइयों का निर्माण या मौजूदा इकाइयों का परिवर्तन हो सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, भारत में नए राज्यों के निर्माण के लिए राज्य सीमाओं का पुनर्निर्धारण।

6. प्रशासनिक दक्षता के लिए पुनर्गठन:

  •  कभी-कभी, प्रशासनिक दक्षता और शासन में सुधार के लिए राज्यों और क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जाता है।
  •  इसमें प्रशासनिक इकाइयों का विलय या विभाजन शामिल हो सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, विभिन्न देशों में शासन को सरल बनाने के लिए स्थानीय सरकार संरचनाओं का पुनर्गठन।

7. विशेष प्रशासनिक क्षेत्रों का निर्माण:

  •  विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (Special administrative regions) विशेष क्षेत्रों के लिए एक अलग राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचा प्रदान करने के लिए बनाए जाते हैं।
  •  इन क्षेत्रों में अक्सर उच्च स्तर की स्वायत्तता और अद्वितीय शासन संरचनाएँ होती हैं।
  •  उदाहरण के लिए, हांगकांग और मकाऊ, जो चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हैं।

8. भू-राजनीतिक परिवर्तनों के कारण पुनर्गठन:

  •  भू-राजनीतिक परिवर्तन, जैसे सोवियत संघ का विघटन, राज्यों और क्षेत्रों के पुनर्गठन का कारण बन सकते हैं।
  •  इसमें नए देशों का निर्माण या मौजूदा देशों का पुनर्संरेखण शामिल हो सकता है।
  •  उदाहरण के लिए, सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन और बेलारूस जैसे स्वतंत्र राज्यों का गठन।

निष्कर्ष

राज्यों और क्षेत्रों का राजनीतिक और प्रशासनिक पुनर्गठन (reorganization) एक सतत प्रक्रिया रही है जो विभिन्न कारकों द्वारा प्रेरित होती है। जैसे-जैसे समाज और राजनीतिक परिदृश्य (political landscapes) विकसित होते रहते हैं, यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है