भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में बादल फटने की प्रक्रिया और घटना की व्याख्या करें। दो हालिया उदाहरणों पर चर्चा करें।
(UPSC 2022,10 Marks,)
Explain the mechanism and occurrence of cloudburst in the context of the Indian subcontinent. Discuss two recent examples.
प्रस्तावना
Cloudbursts (क्लाउडबर्स्ट) तीव्र और अचानक होने वाली वर्षा की घटनाएँ हैं जो कम समय में होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक सीमित क्षेत्र में भारी मात्रा में वर्षा होती है। भारतीय उपमहाद्वीप में, क्लाउडबर्स्ट मानसून के मौसम के दौरान एक सामान्य घटना है, जो जून से सितंबर तक रहता है।
David M. Schultz क्लाउडबर्स्ट को अल्पकालिक, उच्च-तीव्रता वाली वर्षा की घटनाओं के रूप में परिभाषित करते हैं जो अचानक बाढ़ और भूस्खलन का कारण बन सकती हैं।
Explanation
Mechanism of Cloudburst in the Indian Subcontinent
स्थलाकृति (Topography):
- खड़ी भू-आकृति (Steep Terrain): खड़ी स्थलाकृति वाले क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं आम होती हैं, जैसे कि भारतीय उपमहाद्वीप में हिमालय पर्वत श्रृंखला।
- तेजी से आरोहण (Rapid Ascent): खड़ी ढलानों के कारण वायु को तेजी से ऊपर उठने के लिए मजबूर किया जाता है, जिससे नमी से भरी वायु का तेजी से ठंडा होना और संघनन होता है।
मानसून का प्रभाव (Monsoonal Influence):
- दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon): भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी जलवायु होती है, जिसमें प्रमुख रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर से नमी भरी वायु लाता है।
- संवहन क्षेत्र (Convergence Zone): नमी से भरी वायु विशेष क्षेत्रों में एकत्रित होती है, जिससे तीव्र वर्षा की संभावना बढ़ जाती है।
निम्न-स्तरीय जेट धाराएं (Low-Level Jet Streams):
- बादल निर्माण पर प्रभाव (Influence on Cloud Formation): निम्न-स्तरीय जेट धाराएं बादलों के निर्माण और विशेष क्षेत्रों में नमी की एकाग्रता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- स्थलाकृति के साथ अंतःक्रिया (Interaction with Topography): निम्न-स्तरीय जेट धाराओं और पर्वतीय भू-आकृति के बीच अंतःक्रिया से नमी से भरी वायु का तेजी से ऊपर उठना हो सकता है, जो बादल फटने में योगदान देता है।
ओरोग्राफिक लिफ्टिंग (Orographic Lifting):
- मजबूर आरोहण (Forced Uplift): जब नमी से भरी वायु को पहाड़ों द्वारा ऊपर धकेला जाता है, तो यह तेजी से ठंडी होती है, जिससे जल वाष्प का बादलों में संघनन होता है।
- वर्षा की तीव्रता में वृद्धि (Intensification of Rainfall): ओरोग्राफिक लिफ्टिंग वर्षा की तीव्रता को बढ़ाती है, जिससे बादल फटने की संभावना अधिक हो जाती है।
Occurrence of cloudburst in the Indian subcontinent
- मानसून का मौसम: क्लाउडबर्स्ट (Cloudbursts) सबसे अधिक मानसून के मौसम के दौरान होते हैं, जब भारतीय उपमहाद्वीप में वर्षा में महत्वपूर्ण वृद्धि होती है।
- भौगोलिक वितरण: क्लाउडबर्स्ट (Cloudbursts) पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक सामान्य होते हैं, जैसे कि हिमालय, पश्चिमी घाट और भारत के पूर्वोत्तर राज्य।
- स्थानीयकृत प्रकृति: क्लाउडबर्स्ट (Cloudbursts) अत्यधिक स्थानीयकृत घटनाएँ होती हैं, जो एक बड़े क्षेत्र के भीतर एक छोटे क्षेत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे उन्हें पूर्वानुमानित और प्रबंधित करना कठिन हो जाता है।
- शहरी क्षेत्र: तेजी से शहरीकरण और शहरों में कंक्रीट संरचनाओं की वृद्धि क्लाउडबर्स्ट (Cloudbursts) के प्रभाव को बढ़ा सकती है, जिससे शहरी बाढ़ और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है।
Recent Examples
1. **Uttarakhand cloudburst (2013):** जून 2013 में, उत्तराखंड ने एक विनाशकारी बादल फटने (cloudburst) का सामना किया, जिसके परिणामस्वरूप अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुए, जिससे जीवन और बुनियादी ढांचे को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ। 2. **Mumbai cloudburst (2020):** मुंबई ने एक बादल फटने (cloudburst) का अनुभव किया, जिससे व्यापक बाढ़ आई, जिसने दैनिक जीवन को बाधित किया और शहर में परिवहन अराजकता पैदा की। 3. **Leh cloudburst (2014):** लेह कश्मीर ने एक बादल फटने (cloudburst) का सामना किया, जिससे अचानक बाढ़ आई, जिसके परिणामस्वरूप जीवन की हानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ। 4. **Chamoli cloudburst 2021:** इस बादल फटने (cloudburst) ने ऋषिगंगा नदी में एक विशाल बाढ़ को जन्म दिया। बाढ़ ने ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना (hydroelectric project) को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया और कई लोगों की जान चली गई। 5. **Himachal Pradesh cloudburst (2023):** हिमाचल प्रदेश ने बादल फटने (cloudburst) और अचानक बाढ़ की श्रृंखला का अनुभव किया, जिसने भूस्खलन, हताहतों और संपत्ति के विनाश को प्रेरित किया।
निष्कर्ष
भारतीय उपमहाद्वीप में बादल फटने (Cloudbursts) की घटनाएँ जटिल मौसम विज्ञान प्रक्रियाओं का परिणाम होती हैं। ये घटनाएँ मुख्य रूप से मानसून के मौसम के दौरान होती हैं और पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक बार होती हैं। हाल के मामलों ने बादल फटने (Cloudbursts) के विनाशकारी प्रभाव को उजागर किया है, जिससे उनके प्रभावों को कम करने के लिए बेहतर पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।