1. 'मोरल इंट्यूशन' को 'मोरल रीजनिंग' से अलग करें उपयुक्त उदाहरणों के साथ
2. उपरोक्त का हिंदी में अनुवाद करें
(UPSC 2023,10 Marks,)
Differentiate 'moral intuition' from 'moral reasoning' with suitable examples.
प्रस्तावना
Explanation
Difference Between 'Moral Intuition' and 'Moral Reasoning'
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Aspect |
Moral Intuition |
Moral Reasoning |
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Nature |
आंतरिक भावना या स्वाभाविक |
विचारशील और तर्कसंगत |
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Process |
तेज़ और स्वचालित |
धीमा और विचारशील |
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Basis |
भावनाएँ, स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ, या अंतर्ज्ञान (intuition) |
तर्क, प्रमाण, और विश्लेषण |
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Speed |
तेज़ प्रतिक्रिया |
धीमा, विचारशील प्रक्रिया |
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Reliability |
पूर्वाग्रहों और त्रुटियों के प्रति संवेदनशील |
अधिक विश्वसनीय हो सकता है यदि यह ठोस सिद्धांतों और प्रमाण पर आधारित हो |
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Foundation |
अक्सर व्यक्तिगत मूल्यों और परवरिश से प्रभावित |
नैतिक सिद्धांतों, सिद्धांतों, और आलोचनात्मक सोच पर आधारित |
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Role in Ethics |
प्रारंभिक नैतिक निर्णय या प्रवृत्तियाँ प्रदान करता है |
नैतिक निर्णयों के औचित्य और मूल्यांकन का समर्थन करता है |
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Example |
किसी जरूरतमंद के प्रति सहानुभूति महसूस करना |
किसी क्रिया की नैतिकता निर्धारित करने के लिए श्रेणीबद्ध अनिवार्यता (categorical imperative) का उपयोग करना |
Examples of Moral Intuition
1. ट्रॉली समस्या (Trolley Problem):
क्लासिक ट्रॉली समस्या (trolley problem) परिदृश्य में, एक व्यक्ति को यह निर्णय लेना होता है कि क्या वह एक बेकाबू ट्रॉली को पांच लोगों को मारने वाले ट्रैक से हटाकर दूसरे ट्रैक पर ले जाए, जहां यह केवल एक व्यक्ति को मारेगी।
इस मामले में नैतिक अंतर्ज्ञान (moral intuition) किसी को बिना विस्तृत नैतिक तर्क प्रक्रिया के, स्वाभाविक रूप से ट्रॉली को कम हानि पहुंचाने के लिए मोड़ने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।
2. एक अजनबी की मदद करना:
कल्पना करें कि एक व्यक्ति एक अजनबी को संकट में देखता है और बिना संभावित जोखिमों या पुरस्कारों पर विचार किए तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़ता है।
यह सहायकता का आवेगपूर्ण कार्य नैतिक अंतर्ज्ञान (moral intuition) द्वारा प्रेरित होता है, क्योंकि व्यक्ति एक अंतर्निहित सहानुभूति और परोपकारिता की भावना के प्रति प्रतिक्रिया करता है
Examples of Moral Reasoning
1. व्यापार नैतिकता (Business Ethics):
एक व्यापार कार्यकारी (business executive) को इस निर्णय का सामना करना पड़ता है कि क्या लागत को कम करने के लिए कर्मचारियों की छंटनी की जाए या लाभप्रदता (profitability) की कीमत पर नौकरी की सुरक्षा बनाए रखी जाए।
इस विकल्प को बनाने के लिए, कार्यकारी नैतिक तर्क (moral reasoning) में संलग्न होता है, जिसमें परिणामों, नैतिक सिद्धांतों और हितधारकों (stakeholders) पर दीर्घकालिक प्रभावों का वजन किया जाता है, इससे पहले कि वह निर्णय ले।
2. मृत्युदंड बहस (Capital Punishment Debate):
मृत्युदंड (capital punishment) के बारे में एक बहस में, व्यक्ति नैतिक तर्क (moral reasoning) में संलग्न होते हैं जब वे मृत्युदंड के पक्ष और विपक्ष में नैतिक तर्कों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करते हैं।
वे गलत सजा की संभावना, प्रतिशोध (retribution) के सिद्धांत, और सामाजिक परिणामों जैसे कारकों पर विचार कर सकते हैं, जिससे इस मुद्दे पर एक तर्कसंगत रुख बनता है।