हिन्दी साहित्य वैकल्पिक टेस्ट सीरीज 2027 | Hindi Literature Optional Test Series UPSC
हिन्दी साहित्य वैकल्पिक UPSC टेस्ट सीरीज
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What is हिन्दी साहित्य वैकल्पिक टेस्ट सीरीज 2027 | Hindi Literature Optional Test Series UPSC by Synopsis IAS?
यह पाठ्यक्रम UPSC 2027 बैच के लिए हिन्दी साहित्य वैकल्पिक विषय की टेस्ट सीरीज़ के लिए तैयार किया गया है। इसे कृष्णा सर द्वारा डिज़ाइन किया गया है।
शामिल मॉड्यूल्स (Included Modules):
- हिन्दी साहित्य वैकल्पिक (टेस्ट सीरीज़): कुल 12 टेस्ट — 8 खंडीय (Sectional) + 4 पूर्ण लंबाई (Full-Length)
(प्रत्येक टेस्ट के साथ मॉडल उत्तर, मूल्यांकन उपलब्ध रहेगा) - हिन्दी साहित्य (PYQs): 1979 से 2025 तक के सॉल्व्ड पेपर्स उपलब्ध कराए जाएंगे। (31 जुलाई 2026 तक)
- 1000+ प्रैक्टिस प्रश्न मॉडल उत्तरों के साथ: (मेन परीक्षा 2026 के बाद उपलब्ध कराए जाएंगे)
- दैनिक उत्तर लेखन: आपको हर सप्ताह 21 प्रश्न उत्तर लेखन के लिए दिये जाएगे, जिन्हें आप हर रोज 3-3 प्रश्न लिख कर अपलोड कर सकते हो। यह कार्यक्रम कुल 25 सप्ताह चलेगा। इस प्रकार आप कुल लगभग 500+ उत्तर लिख चुके होगे।
- उत्तर लेखन सत्र (Answer Writing Sessions): एप्रोच वीडियो और पेपर चर्चा वीडियो के रूप में
टेस्ट शेड्यूल 2027:
- पेपर 1 के लिए 4 टेस्ट: खंड क के लिए 2 टेस्ट, खंड ख के लिए 2 टेस्ट
- पेपर 2 के लिए 4 टेस्ट: खंड क के लिए 2 टेस्ट, खंड ख के लिए 2 टेस्ट
- पेपर 1 के लिए 2 फुल लेंथ टेस्ट
- पेपर 2 के लिए 2 फुल लेंथ टेस्ट
अंतिम दो फुल लेंथ टेस्ट "सिमुलेटर टेस्ट" होंगे, जो उसी दिन सुबह व दोपहर में आयोजित किए जाएंगे।
- आप 2 तारीखों में से कोई एक चुन सकते हैं:
- 9 फरवरी 2027 (यदि आप प्रीलिम्स से पहले देना चाहते हैं)
- 2 अगस्त 2027 (यदि आप प्रीलिम्स के बाद देना चाहते हैं)
📌 नोट: तारीखों को पोस्टपोन (बाद में किया जा सकता है), लेकिन प्रीपोन (पहले) नहीं किया जा सकता।
हिन्दी साहित्य वैकल्पिक टेस्ट सीरीज for UPSC 2027 Schedule
| Test No. | दिनांक | पेपर और खंड | टेस्ट पाठ्यक्रम |
|---|---|---|---|
| Test 1 | 15 June 2026 | Paper 1 खंड : ‘क’ | 1. अपभ्रंश, अवहट्ट और प्रारंभिक हिन्दी का व्याकरणिक स्वरूप। 2. मध्यकाल में ब्रज और अवधी का साहित्यिक विकास। 3. सिद्ध, नाथ, खुसरो, संत साहित्य, दक्खिनी हिन्दी में खड़ी बोली। 4. 19वीं सदी में खड़ी बोली और नागरी लिपि का विकास। 5. हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का मानकीकरण। |
| Test 2 | 15 July 2026 | Paper 1 खंड : ‘ख’ | 1. हिन्दी साहित्य की प्रासंगिकता और इतिहास-लेखन परंपरा। 2. साहित्यिक काल: (क) आदिकाल - चंदबरदाई, खुसरो, हेमचंद्र। (ख) भक्ति काल - कबीर, जायसी, सूर, तुलसी। |
| Test 3 | 16 August 2026 | Paper 1 खंड : ‘क’ | 6. स्वतंत्रता आन्दोलन में हिन्दी का विकास। 7. भारतीय संघ में राजभाषा के रूप में हिन्दी। 8. हिन्दी का वैज्ञानिक और तकनीकी विकास। 9. हिन्दी की प्रमुख बोलियाँ और परस्पर संबंध। 10. नागरी लिपि की विशेषताएँ और मानक हिन्दी। 11. मानक हिन्दी की व्याकरणिक संरचना। |
| Test 4 | 15 September 2026 | Paper 1 खंड : ‘ख’ | 3. रीतिकाल - केशव, बिहारी, पद्माकर, घनानंद। 4. आधुनिक काल - नवजागरण, भारतेन्दु मंडल, आधुनिक कविता (छायावाद से समकालीन)। 5. आलोचना - रामचंद्र शुक्ल, द्विवेदी, रामविलास शर्मा, नगेन्द्र। 6. हिन्दी गद्य की अन्य विधाएँ: निबंध, रेखाचित्र, संस्मरण, यात्रा वृत्तांत। |
| Test 5 | 1 October 2026 | Paper 2 खंड : ‘क’ | 1. कबीर ग्रंथावली (100 पद) 2. सूरदास भ्रमरगीत सार (100 पद) 3. तुलसीदास - सुंदरकाण्ड, कवितावली 4. जायसी - पद्मावत 5. बिहारी - रत्नाकर (100 दोहे) |
| Test 6 | 15 October November 2026 | Paper 2 खंड : ‘ख’ | 1. भारत दुर्दशा - भारतेन्दु 2. आषाढ़ का एक दिन - मोहन राकेश 3. चिंतामणि (कविता क्या है, श्रद्धा-भक्ति) - शुक्ल 4. निबंध निलय - भट्ट, प्रेमचंद, द्विवेदी, अज्ञेय 5. गोदान, कहानियाँ - प्रेमचंद |
| Test 7 | 10 November October 2026 | Paper 2 खंड : ‘क’ | 6. भारत भारती - मैथिलीशरण गुप्त 7. कामायनी - प्रसाद (चिंता, श्रद्धा सर्ग) 8. राग-विराग - निराला (राम की शक्ति पूजा, कुकुरमुत्ता) 9. कुरुक्षेत्र - दिनकर 10. असाध्य वीणा - अज्ञेय |
| Test 8 | 01 December 2026 | Paper 2 खंड : ‘ख’ | 6. स्कंदगुप्त - प्रसाद 7. दिव्या - यशपाल 8. मैला आँचल - रेणु 9. महाभोज - मन्नू भंडारी 10. एक दुनिया समानांतर - राजेंद्र यादव |
| Test 9 | 01 January 2027 / After Prelims | Paper 1 | Full Syllabus (Paper 1) |
| Test 10 | 15 January 2027 / After Prelims | Paper 2 | Full Syllabus (Paper 2) |
| Test 11 | 15 February 2027 (Morning) / After Prelims | Paper 1 | Full Syllabus (Paper 1) |
| Test 12 | 15 February 2027 (Afternoon) / After Prelims | Paper 2 | Full Syllabus (Paper 2) |
Faculties
Krishna Sir
Course Pages
600+
Course Duration
50+ Lectures
Validity
Mains 2027
Course Content / Syllabus
प्रश्नपत्र-1
खंड : ‘क’ (हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का इतिहास) (हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम)
- अपभ्रंश, अवहट्ट और प्रारंभिक हिन्दी का व्याकरणिक तथा अनुप्रयुक्त स्वरूप।
- मध्यकाल में ब्रज और अवधी का साहित्यिक भाषा के रूप में विकास।
- सिद्ध एवं नाथ साहित्य, खुसरो, संत साहित्य, रहीम आदि कवियों और दक्खिनी हिन्दी में खड़ी बोली का प्रारंभिक स्वरूप।
- उन्नीसवीं शताब्दी में खड़ी बोली और नागरी लिपि का विकास।
- हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का मानकीकरण।
- स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान राष्ट्र भाषा के रूप में हिन्दी का विकास।
- भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में हिन्दी का विकास।
- हिन्दी भाषा का वैज्ञानिक और तकनीकी विकास।
- हिन्दी की प्रमुख बोलियाँ और उनका परस्पर संबंध।
- नागरी लिपि की प्रमुख विशेषताएँ और उसके सुधार के प्रयास तथा मानक हिन्दी का स्वरूप।
- मानक हिन्दी की व्याकरणिक संरचना।
खंड : ‘ख’ (हिन्दी साहित्य का इतिहास) (हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम)
- हिन्दी साहित्य की प्रासंगिकता और महत्त्व तथा हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखन की परम्परा
- हिन्दी साहित्य के इतिहास के निम्नलिखित चार कालों की साहित्यिक प्रवृत्तियाँ
(क) आदिकालः सिद्ध, नाथ और रासो साहित्य।
प्रमुख कविः चंदबरदाई, खुसरो, हेमचन्द्र, विद्यापति।
(ख) भक्ति कालः संत काव्य धारा, सूफी काव्यधारा, कृष्ण भक्तिधारा और राम भक्तिधारा।
प्रमुख कवि : कबीर, जायसी, सूर और तुलसी।
(ग) रीतिकालः रीतिकाव्य, रीतिबद्ध काव्य, रीतिमुक्त काव्य।
प्रमुख कवि : केशव, बिहारी, पदमाकर और घनानंद।
(घ) आधुनिक कालः
(क) नवजागरण, गद्य का विकास, भारतेन्दु मंडल।
(ख) प्रमुख लेखक : भारतेन्दु, बाल कृष्ण भट्ट और प्रताप नारायण मिश्र।
(ड.) आधुनिक हिन्दी कविता की मुख्य प्रवृत्तियाँ:
छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता, नवगीत, समकालीन कविता और जनवादी कविता।
प्रमुख कवि: मैथिलीशरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’, महादेवी वर्मा, रामधारी सिंह ‘दिनकर’, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’, गजानन माधव मुक्तिबोध, नागार्जुन।
- कथा साहित्यः
(क) उपन्यास और यथार्थवाद।
(ख) हिन्दी उपन्यासों का उद्भव और विकास।
(ग) प्रमुख उपन्यासकार: प्रेमचन्द, जैनेन्द्र, यशपाल, रेणु और भीष्म साहनी।
(घ) हिन्दी कहानी का उद्भव और विकास।
(ड़) प्रमुख कहानीकार: प्रेमचन्द, जयशंकर प्रसाद, सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’, मोहन राकेश और कृष्णा सोबती।
- नाटक और रंगमंच:
(क) हिन्दी नाटक का उद्भव और विकास।
(ख) प्रमुख नाटककार: भारतेन्दु, जयशंकर प्रसाद, जगदीश चंद्र माथुर, रामकुमार वर्मा, मोहन राकेश।
(ग) हिन्दी रंगमंच का विकास।
- आलोचना:
(क) हिन्दी आलोचना का उद्भव और विकास- सैद्धांतिक, व्यावहारिक, प्रगतिवादी, मनोविश्लेषणवादी आलोचना और नई समीक्षा।
(ख) प्रमुख आलोचक - रामचन्द्र शुक्ल, हजारी प्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा और नगेन्द्र।
- हिन्दी गद्य की अन्य विधाएँ:ललित निबंध, रेखाचित्र, संस्मरण, यात्रा वृत्तान्त।
प्रश्नपत्र-2
इस प्रश्नपत्र में निर्धारित मूल पाठ्यपुस्तकों को पढ़ना अपेक्षित होगा और ऐसे प्रश्न पूछे जाएंगे जिनसे अभ्यर्थी की आलोचनात्मक क्षमता की परीक्षा हो सके।
खंड : ‘क’ (पद्य साहित्य) (हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम)
- कबीर: कबीर ग्रंथावली (आरंभिक 100 पद) सं. श्याम सुन्दर दास
- सूरदास: भ्रमरगीत सार (आरंभिक 100 पद) सं. रामचंद्र शुक्ल
- तुलसीदास: रामचरित मानस (सुंदर काण्ड), कवितावली (उत्तर काण्ड)
- जायसी: पदमावत (सिंहलद्वीप खंड और नागमती वियोग खंड) सं. श्याम सुन्दर दास
- बिहारी: बिहारी रत्नाकर (आरंभिक 100 दोहे) सं. जगन्नाथ दास रत्नाकर
- मैथिलीशरण गुप्त: भारत भारती
- जयशंकर प्रसाद: कामायनी (चिंता और श्रद्धा सर्ग)
- सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला’: राग-विराग (राम की शक्ति पूजा और कुकुरमुत्ता) सं. रामविलास शर्मा
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’: कुरुक्षेत्र
- अज्ञेय: आंगन के पार द्वार (असाध्यवीणा)
- मुक्ति बोध: ब्रह्मराक्षस
- नागार्जुन: बादल को घिरते देखा है, अकाल और उसके बाद, हरिजन गाथा।
खंड : ‘ख’ (गद्य साहित्य) (हिंदी साहित्य वैकल्पिक विषय पाठ्यक्रम)
- भारतेन्दु: भारत दुर्दशा
- मोहन राकेश: आषाढ़ का एक दिन
- रामचंद्र शुक्ल: चिंतामणि (भाग-1), (कविता क्या है, श्रद्धा-भक्ति)।
- निबंध निलय: संपादक : डॉ. सत्येन्द्र। बाल कृष्ण भट्ट, प्रेमचन्द, गुलाब राय, हजारीप्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा, अज्ञेय, कुबेरनाथ राय।
- प्रेमचंद: गोदान, ‘प्रेमचंद’ की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ (संपादक : अमृत राय)
- प्रसाद: स्कंदगुप्त
- यशपाल: दिव्या
- फणीश्वरनाथ रेणु: मैला आंचल
- मन्नू भण्डारी: महाभोज
- राजेन्द्र यादव (सं.): एक दुनिया समानान्तर (सभी कहानियाँ)
General Details
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How is this course different from similar courses by other coachings?
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Content Developers and Faculties
Krishna Sir